ब्रेन ड्रेन एक ऐसी स्थिति है, जहां कुशल कामगार और पेशेवर बेहतर नौकरी के अवसरों के लिए विकसित देशों में पलायन करते हैं। 1960 के दशक से शुरू हुई यह प्रवृत्ति, आज भारत जैसे विकासशील देशों में बड़ी चुनौती बन चुकी है। इसके कारण देश की संपत्ति का नुकसान हो रहा है, लेकिन सरकार ने इस समस्या को सुलझाने के लिए कई कदम उठाए हैं।